भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है।
आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2082, आषाढ़, शुक्ल, प्रतिपदा, । सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 12, जिल्हिजा 29, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 26 जून सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। प्रतिपदा तिथि अपराह्न 01 बजकर 25 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
आद्र्रा नक्षत्र प्रातः 08 बजकर 47 मिनट तक उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ। ध्रुव योग रात्रि 11 बजकर 40 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ। बव करण अपराह्न 01 बजकर 25 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 40 मिनट तक मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - गुप्त नवरात्र प्रारंभ।
सूर्योदय का समय - सुबह में 5 बजकर 24 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 22 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 5 मिनट से 4 बजकर 45 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 1 बजकर 30 से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 5 बजकर 25 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 46 मिनट से 11 बजे तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।