भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2082, ज्येष्ठ, कृष्ण, अमावस्या, सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 14, जिल्काद 28, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 27 मई सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक। अमावस्या तिथि प्रातः 08 बजकर 32 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
कृतिका नक्षत्र प्रातः 05 बजकर 33 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। सुकर्मा योग रात्रि 10 बजकर 54 मिनट तक उपरांत धृतिमान योग का आरंभ। नाग करण प्रातः 08 बजकर 32 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा। आज के व्रत त्योहार भौमवती अमावस्या, ज्येष्ठ अमावस्या (स्नान दानादि प्रातः 08 बजकर 32 तक), भावुका अमावस्या, ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा का क्षय।
आज के व्रत त्योहार ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या और भौमवती अमावस्या।
सूर्योदय का समय - 5 बजकर 24 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 7 बजकर 11 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 3 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 31 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय दिन में 12 बजे से अगले दिन 28 मई को मध्य रात्रि 1 बजकर 25 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह 8 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।