भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, पौष शुक्ल, द्वितीया, सौर पौष मास प्रविष्टे 18, जमादि उल्सानी 29 हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 01 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।
द्वितीया तिथि अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 25 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ। उत्तराषाढ़ नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 46 मिनट तक उपरांत श्रवण नक्षत्र का आरंभ। व्याघात योग सायं 05 बजकर 06 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ। बालव करण अपराह्न 02 बजकर 54 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मकर राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार आरोग्य व्रत, चन्द्रदर्शन।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 16 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 34 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 28 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 15 मिनट से 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 10 मिनट तक। अमृत काल सुबह 5 बजकर 27 मिनट से सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल। इसी के साथ सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।