भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, कार्तिक कृष्ण दशमी, सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 10, रबि-उल्सानी-22, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 26 अक्टूबर सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। दशमी तिथि अगले दिन सुबह 05 बजकर 24 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
आश्लेषा नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 46 मिनट तक उपरांत मघा नक्षत्र का आरंभ। शुक्ल योग अगले दिन सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक उपरांत ब्रह्म योग का आरंभ। वणिज करण सायं 04 बजकर 24 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा प्रातः 09 बजकर 46 मिनट तक कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 29 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 41 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 47 मिनट से 5 बजकर 38 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 11 बजकर 40 मिनट से से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 41 मिनट से 6 बजकर 6 मिनट तक। अमृत काल सुबह 7 बजकर 53 मिनट से 9 बजकर 17 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। वहीं, सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। इसके बाद दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 6 बजकर 29 मिनट से 7 बजकर 14 मिनट तक। भद्राकाल का समय शाम में 4 बजकर 19 मिनट से अगले दिन सुबह 5 बजकर 23 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।