आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 17 सितम्बर का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, भाद्रपद, शुक्ल, चतुर्दशी, सौर आश्विन मास प्रविष्टे 02, रबि-उल्लावल 13, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 17 सितम्बर सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। राहुकाल अपराह्न 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक। चतुर्दशी तिथि पूर्वाह्न 11 बजकर 45 मिनट तक उपरांत पूर्णिमा तिथि का आरंभ।
शतभिषा नक्षत्र अपराह्न 01 बजकर 53 मिनट तक उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। धृतिमान योग प्रातः 07 बजकर 48 मिनट तक उपरांत शूल योग का आरंभ। वणिज करण पूर्वाह्न 11 बजकर 45 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा अगले दिन सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक कुंभ उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार अनंत चतुर्दशी व्रत (गणपति विसर्जन), विश्वकर्मा पूजा, मेला बाबा सोडल (जालन्धर), श्री सत्यनारायण व्रत, कदली व्रत पूजन, प्रोष्ठपदी-महालय श्राद्ध प्रारंभ, पूर्णिमा का श्राद्ध।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 18 बजकर 23 मिनट पर।
गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
आप गणेश विसर्जन शुभ चौघड़िया में कर सकते हैं यानी दोपहर में 3 बजकर 19 मिनट से शाम में 6 बजकर 20 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 20 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 18 मिनट से 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 11 बजकर 52 मिनट से से 12 बजकर 39 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक। अमृत काल सुबह 6 बजकर 7 मिनट से 7 बजकर 39 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक। वहीं, दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 8 बजकर 34 मिनट से 9 बजकर 23 मिनट तक। पंचक पूरे दिन रहेगा।
विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त
सुबह 06 बजकर 07 बजे से दिन में 11 बजकर 43 बजे के बीच कर सकते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।