भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, श्रावण कृष्ण दशमी, सौर श्रावण मास प्रविष्टे 15, मुहर्रम 23, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 जुलाई सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल अपराह्न 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक। दशमी तिथि सायं 04 बजकर 45 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
कृतिका नक्षत्र पूर्वाह्न 10 बजकर 23 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। वृद्धि योग अपराह्न 03 बजकर 56 मिनट तक उपरांत ध्रुव योग का आरंभ। विष्टि करण सायं 04 बजकर 45 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार : आज सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 14 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 18 मिनट से 5 बजे तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 43 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक। अमृत काल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल। सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल का समय सुबह 8 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह 5 बजकर 42 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।