अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी विरासत का सम्मान करने का सबसे सार्थक तरीका सेवा, अनुशासन, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने में है। उन्होंने लोगों से भारत की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करने, उसके ज्ञान और परंपराओं को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।