महोत्सव में बाबा भूतनाथ शैव परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि राज देवता माधो राय वैष्णव परंपरा के प्रतीक माने जाते हैं। इसके साथ ही बड़ा देव कमरूनाग लोक आस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं। शैव परंपरा का अर्थ भगवान शिव की उपासना से है, वैष्णव परंपरा भगवान विष्णु एवं उनके अवतारों की भक्ति से जुड़ी है, जबकि लोक परंपरा क्षेत्रीय देवी-देवताओं और स्थानीय आस्थाओं का प्रतिनिधित्व करती है।