अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में अनेक प्रकार की कला, संस्कृति और खानपान की प्रदर्शनी से ब्रह्म सरोवर का पावन तट पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कश्मीर से गीता महोत्सव पहुंचा गुलिस्तान स्वयं सहायता समूह भी अपने स्टॉल के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीरी खानपान से रूबरू करवा रहा है।
कश्मीर के बारामुल्ला जिला से आए तारिक अहमद ने बातचीत के दौरान बताया कि स्टॉल नंबर 380 पर वह कश्मीर की खास-खास खाने-पीने की वस्तुएं स्थानीय लोगों के लिए लेकर पहुंचे हैं। कश्मीर में उत्पन्न होने वाले खास किस्म के काले राजमा, 350 रुपए प्रति ग्राम कीमत वाला शुद्ध केसर, खांसी-जुखाम जैसी समस्याओं में आराम देने वाला कश्मीरी काहवा गुलिस्तान स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर पर्यटकों के लिए चर्चा का विषय बन हुए हैं। इसके अलावा अखरोट,बादाम, खुरमानी, खजूर, ब्लूबेरी,ब्लैकबेरी इत्यादि जैसे मेवे भी इनके पास उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि गुलिस्तान स्वयं सहायता समूह इस समय 10 लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। यह अपने उत्पाद लेकर 2011 से लगातार गीता महोत्सव में भाग ले रहे है और कुरुक्षेत्र के लोगों द्वारा उनके उत्पादों को हमेशा से ही खूब पसंद किया जा रहा है। गीता महोत्सव के अलावा तारिक पटियाला के शीश महल, दिल्ली के प्रगति मैदान, लुधियाना और अन्य जगह आयोजित किए जाने वाले महोत्सवों और ट्रेड फेयर में भी कश्मीर की धरती पर उत्पन्न होने वाले खाद्य पदार्थ प्रदर्शित करते आए है।