भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । आश्विन, कृष्ण तृतीया, विक्रम संवत 2080। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 16, रबि-उल्लावल-16, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 02 अक्टूबर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, शरद ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। तृतीया तिथि प्रातः 07 बजकर 37 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।
भरणी नक्षत्र सायं 06 बजकर 24 मिनट तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ। हर्षण योग पूर्वाह्न 10 बजकर 29 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 07 बजकर 37 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 15 मिनट तक मेष उपरांत वृष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार श्री गणेश चतुर्थी व्रत, महात्मा गांधी जयंती, चतुर्थी का श्राद्ध, भरणी श्राद्ध, चतुर्थी तिथि का क्षय।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 6 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 37 मिनट से 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 9 मिनट से 2 बजकर 56 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक। गोधूलि बेला सुबह 6 बजकर 6 मिनट से 6 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 6 बजकर 14 मिनट से 7 बजकर 43 तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। सुबह 10 बजकर 30 से 12 बजे। दुर्मुहूर्त काल शाम में 12 बजकर 34 मिनट से 1 बजकर 22 मिनट तक। 2 बजकर 56 मिनट से 3 बजकर 44 मिनट तक। भद्रा रात में 6 बजकर 14 मिनट से 7 बजकर 36 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।