भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । श्रावण शुक्ल तृतीया, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 03, सफ़र 01, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 19 अगस्त सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। तृतीया तिथि रात्रि 10 बजकर 20 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 48 मिनट तक उपरांत हस्त नक्षत्र का आरंभ। सिद्ध योग रात्रि 09 बजकर 19 मिनट तक उपरांत साध्य योग का आरंभ। तैतिल करण प्रातः 09 बजकर 11 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कन्या राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार मधुश्रवा-हरियाली, सिंघाड़ा तीज, सफर (मुस्लिम) मास प्रारंभ।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 52 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 57 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट से 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। गोधूलि बेला सुबह 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 8 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 5 बजकर 52 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक। इसके बाद 6 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 37 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।