भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी, विक्रम संवत् 2080। सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 12। जिल्काद 05, हिजरी 1444 (मुस्लिम), तदनुसार अंग्रेजी तारीख 26 मई सन् 2023 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु।
राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक।
सप्तमी तिथि सूर्योदय से लेकर अगले दिन प्रातः 07 बजकर 43 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।
आश्लेषा नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 50 मिनट तक उपरांत मघा नक्षत्र का आंरभ।
ध्रुव योग सायं 07 बजकर 03 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ।
गर करण सायं 06 बजकर 32 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ।
चंद्रमा रात्रि 8 बजकर 50 मिनट तक कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय शाम 7 बजकर 11 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
निशीथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक।
गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक।
अमृत काल शाम को 7 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
रवि योग सुबह 5 बजकर 25 मिनट से राम को 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक।
दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा।
सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
दुर्मुहूर्त काल सुबह 8 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
इसके बाद मध्य रात्रि 12 बजकर 46 मिनट से 1 बजकर 41 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।