देहरा। सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जिला देहरा ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वीडियो को किसी कथित घटना, अपराध या अन्य परिस्थितियों से जोड़कर बिना प्रमाण के प्रचारित न करें।
पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला देहरा के कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, साइबर सेल के संज्ञान में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो आया है, जिसमें एक महिला को शारीरिक पीड़ा और परेशानी की स्थिति में देखा जा सकता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध जानकारी एवं तथ्यों के अनुसार संबंधित महिला शारीरिक बीमारी के कारण पीड़ा से गुजर रही है। ऐसे में इस वीडियो को किसी कथित घटना या अन्य परिस्थितियों से जोड़कर प्रस्तुत करना, बिना किसी प्रमाणिक साक्ष्य एवं आधिकारिक पुष्टि के, उचित नहीं है।
पुलिस ने आम जनता से विशेष अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, बीमारी अथवा निजी जीवन से संबंधित वीडियो और तस्वीरों के आधार पर स्वयं निष्कर्ष न निकालें। बिना अधिकृत चिकित्सकीय जानकारी या आधिकारिक पुष्टि के किसी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर टिप्पणी, दावा या निष्कर्ष साझा करने से बचें।
एडवाइजरी में पांच प्रमुख बातों का ध्यान रखने को कहा गया है। इनमें सोशल मीडिया पर प्रसारित समाचार, वीडियो और फोटो की सत्यता की पुष्टि करना, बिना प्रमाण किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाना, किसी वीडियो को मारपीट, उत्पीड़न या आपराधिक घटना से जोड़कर प्रसारित नहीं करना तथा व्यक्ति की निजता, गरिमा और प्रतिष्ठा का सम्मान करना शामिल है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध, भ्रामक अथवा तथ्यहीन सामग्री मिलती है तो उसकी जानकारी संबंधित पुलिस थाना या पुलिस अधिकारियों को दी जाए।
झूठी सूचना फैलाने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
देहरा पुलिस ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर झूठी सूचना, अफवाह या भ्रामक सामग्री तैयार करना अथवा प्रसारित करना, जिससे सार्वजनिक भय, अशांति या कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो, भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है। किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और निजता को अनुचित रूप से प्रभावित करने वाली सामग्री पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस जिला देहरा ने नागरिकों से सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अपुष्ट वीडियो या समाचार को देखकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालें और न ही बिना सत्यापन उसे आगे प्रसारित करें।