राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बजट सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार पर्यटन, कला, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। कुरुक्षेत्र में कृष्णा सर्किट, रेवाड़ी-महेंद्रगढ़-माधोगढ़-नारनौल का हेरिटेज सर्किट, प्रसाद योजना के तहत आदि बद्री, नाडा साहिब गुरुद्वारा और माता मनसा देवी मंदिर, अरावली गोल्फ पार्क, थीम पार्क और बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक, यादविन्द्र उद्यान का जीर्णोद्धार करने की विभिन्न पहलें पाइपलाइन में हैं। लगभग 5,000 साल पुरानी सिंधु घाटी की कलाकृतियों को प्रदर्शित करने के लिए राखीगढ़ी में हड़प्पा संस्कृति तथा फतेहाबाद के कुनाल में एक-एक संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार के सराहनीय प्रयासों से कुरुक्षेत्र की पावन नगरी में मनाये जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव से कुरुक्षेत्र ने अब सही अर्थों में अंतर्राष्ट्रीय दर्जा हासिल कर लिया है। वर्ष 2022 में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कनाडा में मनाया गया और इस वर्ष अप्रैल, 2023 में ऑस्ट्रेलिया में इस महोत्सव का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में अनेक संत-महात्माओं, ऋषि-मुनियों और गुरुओं ने मानवता का मार्गदर्शन किया है और जीवन का सही रास्ता दिखाया है। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। उनकी शिक्षाओं को जन-जन, विशेषकर भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए मेरी सरकार ने संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना शुरू की है।
बेहतर पर्यावरण संरक्षण
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों सहित समाज के सभी वर्गों में पर्यावरण संवेदनशीलता और ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए आई.एम.टी. मानेसर, गुरुग्राम में स्वर्ण जयंती पर्यावरण प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। प्रदेश का शिवालिक क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव-विविधता संपदा के लिए जाना जाता है। प्रकृति और प्राकृतिक सम्पदा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कालका से कलेसर तक 150 किलोमीटर लंबा नेचर ट्रेल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसांख्यिकीय लाभ का सदुपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य के आर्थिक वृद्धि-प्रक्षेप पथ पर युवाओं के रोजगार में सुधार पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। हरियाणा भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राष्ट्रीय प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने तथा योगदान करने के लिए तैयार है।
राज्यपाल ने सरकार के इन प्रयासों में समर्थन की अपील करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि इस सम्मानित सदन का प्रत्येक सदस्य परिचर्चाओं और विचार-विमर्श में सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी करेगा तथा राज्य और राष्ट्र को आगे बढ़ाने वाले बेहतर व अच्छे सुझाव देगें।