भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 7 जून 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। अधिक मास में पड़ रही भानु सप्तमी के कारण आज सूर्यदेव की आराधना शुभ फलदायी मानी गई है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज कई शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 7 जून 2026, राहुकाल सायं 05:30 से 07:00 बजे तक।
📆 आज का पंचांग
दिनांक: 7 जून 2026
वार: रविवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: सप्तमी अगले दिन तड़के 03:24 बजे (8 जून) तक, फिर अष्टमी
नक्षत्र: धनिष्ठा (प्रातः तक), तत्पश्चात शतभिषा
योग: वैधृति, बाद में विष्कम्भ
करण: विष्टि (भद्रा) के बाद बव
चंद्रमा: कुंभ राशि में स्थित
🌅 सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:24 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 7:16 बजे (लगभग)
✨ शुभ मुहूर्त
🔸 ब्रह्म मुहूर्त: 4:01 बजे से 4:42 बजे तक
🔸 अभिजीत मुहूर्त: 11:52 बजे से 12:47 बजे तक
🔸 विजय मुहूर्त: 2:38 बजे से 3:34 बजे तक
🔸 अमृत काल: रात्रि 1:36 बजे से 3:17 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
🔹 राहुकाल: सायं 5:32 बजे से 7:16 बजे तक
🔹 यमगण्ड: दोपहर 12:19 बजे से 2:04 बजे तक
🔹 गुलिक काल: 3:48 बजे से 5:32 बजे तक
☀️ आज का धार्मिक महत्व
रविवार और सप्तमी तिथि का संयोग भानु सप्तमी कहलाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करने, लाल पुष्प चढ़ाने और सूर्य मंत्रों का जाप करने से स्वास्थ्य, यश तथा ऊर्जा में वृद्धि होती है। अधिक मास में आने के कारण इस व्रत और पूजा का महत्व और बढ़ जाता है।
🌼 आज का उपाय
सुबह स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्यदेव को अर्घ्य दें और 11 बार "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें। इससे आत्मबल बढ़ता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।