सोमवार | गंगा दशहरा | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
25 मई 2026 का दिन धार्मिक आस्था और पुण्य कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। आज गंगा दशहरा का पावन पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसलिए स्नान, दान और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार को ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 25 मई 2026 , राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
आज का पंचांग
तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी अगले दिन प्रातः 05 बजकर 10 मिनट (26 मई) तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
वार: सोमवार
माह: ज्येष्ठ मास
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
योग: वज्र योग
करण: तैतिल
चंद्र राशि: सिंह / कन्या
सूर्य राशि: वृषभ
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 5:25 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:09 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:54 बजे से 4:36 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 बजे से 12:46 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:35 बजे से 3:28 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 7:30 बजे से 8:59 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 10:31 बजे से 12:08 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
आज का धार्मिक महत्व
आज गंगा दशहरा पर्व होने के कारण नदियों में स्नान, शिव पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान करने और भगवान शिव का अभिषेक करने से पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आज का विशेष उपाय
भगवान शिव को जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना शुभ फलदायी रहेगा।
शुभ संकेत
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
शुभ दिशा: उत्तर-पूर्व
आज का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और सकारात्मक ऊर्जा के साथ नई शुरुआत करने के लिए शुभ रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।