भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 19 अप्रैल 2026 रविवार, 19 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से तृतीया की शुरुआत होने के कारण यह दिन विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
दिन: रविवार
मास: वैशाख (शुक्ल पक्ष)
तिथि: द्वितीया (सुबह 10:49 AM तक) → इसके बाद तृतीया
नक्षत्र: भरणी (सुबह 7:10 AM तक) → इसके बाद कृत्तिका
योग: आयुष्मान (रात 8:01 PM तक) → इसके बाद सौभाग्य योग
करण: कौलव (10:49 AM तक) → इसके बाद तैतिल
🌅 सूर्य और चंद्रमा
सूर्योदय: लगभग 5:52 AM – 5:55 AM
सूर्यास्त: लगभग 6:45 PM – 6:49 PM
चंद्र राशि: मेष (दोपहर 12:31 PM तक) → इसके बाद वृषभ
चंद्रोदय: सुबह लगभग 6:47 AM
🎉 आज के प्रमुख पर्व
अक्षय तृतीया
परशुराम जयंती
👉 मान्यता है कि इसी दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी।
✨ महत्व
अक्षय तृतीया को साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है
नया व्यापार, घर/दुकान, सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य—सब कुछ शुभ
खासकर तृतीया तिथि शुरू होने के बाद शुभता और बढ़ जाती है
⚠️ अशुभ समय (संकेतात्मक)
राहुकाल: दोपहर 12:00 PM – 1:30 PM के आसपास
यमगंड: दोपहर के समय
गुलिक काल: दोपहर बाद
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
✔️ कुल मिलाकर, यह दिन शुभ कार्यों की शुरुआत और धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहद उत्तम माना जा रहा है।