रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास—जानें शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त
सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। 12 अप्रैल 2026, रविवार बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। दिनभर कई शुभ योग बन रहे हैं, वहीं कुछ अशुभ समय भी हैं जिनमें सावधानी बरतना जरूरी है। अगर आप किसी नए कार्य, यात्रा या पूजा की योजना बना रहे हैं, तो यह पंचांग आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
🔵 मुख्य पंचांग विवरण
तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी (पूरे दिन), समाप्ति – 13 अप्रैल रात 1:16 बजे
सूर्योदय: सुबह 5:59 बजे - सूर्यास्त: शाम 6:45 बजे
नक्षत्र: श्रवण – दोपहर 3:14 बजे तक
धनिष्ठा – उसके बाद
योग:
साध्य – शाम 6:16 बजे तक
करण:
वणिज – दोपहर 1:02 बजे तक
विष्टि (भद्रा) – उसके बाद
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 4:29 AM – 5:14 AM
अभिजित मुहूर्त: 11:57 AM – 12:48 PM
विजय मुहूर्त: 2:30 PM – 3:21 PM
गोधूलि मुहूर्त: 6:44 PM – 7:06 PM
सायाह्न संध्या: 6:45 PM – 7:52 PM
निशिता मुहूर्त: 11:59 PM – 12:44 AM
अमृत काल: 13 अप्रैल सुबह 5:18 AM – 6:57 AM
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: 5:09 PM – 6:45 PM
यमगण्ड: 12:22 PM – 1:58 PM
गुलिक काल: 3:34 PM – 5:09 PM
विडाल योग: 5:59 AM – 3:14 PM
वर्ज्य: 7:22 PM – 9:01 PM
दुर्मुहूर्त: 5:03 PM – 5:54 PM
भद्रा काल:
1:02 PM से शुरू
13 अप्रैल रात 1:16 AM तक
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
इस दिन शुभ मुहूर्त में नए कार्य, पूजा-पाठ और निवेश करना लाभकारी माना जाता है। वहीं राहुकाल और भद्रा जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण निर्णय या यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग के इन समयों का ध्यान रखना आपके लिए शुभ फलदायी हो सकता है।