शिमला, 31 मार्च 2026 - हिमाचल प्रदेश की नौकरशाही में भारी भूचाल आ गया है। सोलन के चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 प्रोजेक्ट में कथित 275 बीघा जमीन (सैकड़ों करोड़ की अनुमानित कीमत) के बेनामी सौदे और धारा 118 उल्लंघन के आरोपों ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को घेर लिया है।
माकपा ने सोमवार को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य सचिव पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं संजय चौहान, पूर्व विधायक राकेश सिंघा और डॉ. कुलदीप तंवर ने दावा किया कि स्थानीय अधिकारियों की रिपोर्ट को नजरअंदाज कर उच्च स्तर से प्रोजेक्ट को क्लीन चिट दी गई। माकपा ने मुख्य सचिव को तुरंत हटाने, SIT गठित करने और FIR दर्ज करने की मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन और सचिवालय घेराव किया जाएगा।
वरिष्ठ वकील विनय शर्मा (पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता) ने छोटा शिमला थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसमें फर्जी दस्तावेज, बेनामी लेन-देन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि चेस्टर हिल प्रोजेक्ट से प्राप्त राशि से पंजाब के खरड़ में 3.18 एकड़ जमीन सस्ते दाम पर खरीदी गई।
मुख्य सचिव का पलटवार
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने मंगलवार को सभी आरोपों को "पूरी तरह झूठा, निराधार और साजिश" बताया। उन्होंने कहा कि जिस 3 एकड़ जमीन का जिक्र हो रहा है, वह जुलाई 2025 में (मुख्य सचिव बनने से पहले) सरकार की अनुमति लेकर वैध आय और बैंक लोन से खरीदी गई थी। जमीन कलेक्टर रेट से 25-30 प्रतिशत ऊपर की कीमत पर खरीदी गई।
गुप्ता ने आक्रामक पलटवार करते हुए पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और आरडी धीमान तथा पूर्व रेरा चीफ पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ये अधिकारी उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भी कार्रवाई की मांग की और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।अभी की स्थितिअभी तक मामले में FIR दर्ज होने या SIT गठित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोलन डीसी स्तर पर जांच चल रही है। मामला विधानसभा में भी उठ चुका है और नौकरशाही में आंतरिक टकराव सार्वजनिक हो गया है।माकपा ने अपना स्वतंत्र सर्वेक्षण करने और चेस्टर हिल जाकर स्थानीय लोगों से बात करने का ऐलान किया है।यह विवाद हिमाचल में भूमि माफिया, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और उच्च नौकरशाही के बीच कथित गठजोड़ पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट आने तक सच्चाई सामने आना बाकी है।