धर्मशाला, 15 अक्टूबर 2026। जिला कांगड़ा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) की प्रगति की समीक्षा के लिए आज जोनल अस्पताल, धर्मशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, चुनौतियों तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर.के. सूद ने जिले में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत हुई प्रगति, प्रमुख उपलब्धियों तथा सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में डॉ विक्रम कटोच स्वाथ्य अधिकारी काँगड़ा श्री ध्रुव डोगरा, उप निदेशक, युवा सेवाएं एवं खेल; श्री अवतार सिंह 5 -HPBN , NCC समन्वयक; डॉ. निकेत, विश्व स्वास्थ्य संगठन के हिमाचल प्रदेश-कांगड़ा क्षेत्र के सलाहकार; श्री सुनील सविता, सलाहकार, ACSM-NTSU, The Union; डॉ. श्रुति, डेटा विश्लेषण सलाहकार, PATH इसके साथ ही विभिन्न विकास खंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी; सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारी तथा जिला और खंड स्तर के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में भारत सरकार द्वारा 8 अक्टूबर को शुरू किए गए JOSH (Joint Squad for Health) अभियान पर विशेष चर्चा की गई। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी विकास खंडों में क्लास-I अधिकारियों के नेतृत्व में JOSH टीमों के गठन और पंजीकरण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। NCC कैडेट्स और My Bharat के युवा स्वयंसेवकों को भी इस अभियान से जोड़ा गया, ताकि युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से टीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके।
JOSH टीमें स्कूलों, गांवों, समुदायों और ग्राम पंचायतों में जाकर टीबी के लक्षणों, समय पर जांच, उपचार तथा बचाव के बारे में जागरूकता फैलाएंगी। इसके अतिरिक्त, ये टीमें टीबी मुक्त पंचायत पहल को बढ़ावा देने और समुदाय को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित किए जा रहे आयुष्मान आरोग्य शिविरों की भी समीक्षा की गई। आगामी माह में आयोजित होने वाले शिविरों की अग्रिम योजना बनाने, अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा टीबी की समय पर पहचान के लिए जांच गतिविधियों को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही टीबी मुक्त पंचायत पहल, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, टीबी जांच, नि-क्षय मित्र पहल, टीबी निवारण तथा समुदाय की सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे टीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान और जांच सुनिश्चित करने तथा मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दें।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि स्वास्थ्य विभाग, युवा स्वयंसेवकों, NCC, My Bharat, पंचायती राज संस्थाओं और समुदाय के सामूहिक प्रयासों से जिला कांगड़ा में टीबी उन्मूलन गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया गया कि वे समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास करें।