शमशी,कुल्लू, 16 अक्टूबर 2026 - सशस्त्र सीमा बल परिसर शमशी, हिमाचल प्रदेश के परेड मैदान में आज दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को प्रथम बैच बी आर टी सी राजस्थान पुलिस का दीक्षांत परेड समारोह भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस तथा भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री एच जी आर सुहास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह का आयोजन केन्द्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल सपड़ी के उप महानिरीक्षक श्री अजय कुमार के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
समारोह का शुभारंभ 472 प्रशिक्षु जवानों द्वारा उप महानिरीक्षक श्री अजय कुमार को सुसंगठित एवं प्रभावशाली सलामी अर्पित करने के साथ हुआ। प्रशिक्षु जवानों की अनुशासित कदमताल, उत्कृष्ट एकरूपता तथा सामूहिक समन्वय ने परेड मैदान में गौरव, उत्साह और गरिमा का वातावरण निर्मित किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री एच जी आर सुहास का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया तथा उन्हें सलामी दी गई। तत्पश्चात दीक्षांत परेड समारोह की निर्धारित कार्यवाही विधिवत संपन्न हुई।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु जवानों ने अनुशासन, शारीरिक दक्षता, आत्मविश्वास, साहस तथा सामूहिक समन्वय का उत्कृष्ट परिचय देते हुए प्रभावशाली कदमताल के साथ संचलन प्रस्तुत किया। सुसंगठित टुकड़ियों की सटीक कदमताल और उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने उपस्थित अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। प्रशिक्षुओं का यह प्रदर्शन उनके कठोर प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास, दृढ़ संकल्प तथा कर्तव्य के प्रति समर्पण का परिचायक रहा।
इस दीक्षांत समारोह में कुल 472 प्रशिक्षु जवानों ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह अवसर उनके प्रशिक्षण जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण की पूर्णता तथा व्यावसायिक पुलिस सेवा के नए अध्याय के शुभारंभ का प्रतीक रहा। इस अवसर पर प्रशिक्षु जवानों ने राष्ट्र की सेवा, जनसुरक्षा तथा कानून व्यवस्था के प्रभावी संधारण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री एच जी आर सुहास ने सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल के प्रशिक्षकों ने राजस्थान पुलिस के 472 प्रशिक्षु जवानों को उच्चस्तरीय, गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। उन्होंने प्रशिक्षकों की दक्षता, समर्पण और प्रशिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को अनेक नवीन तकनीकों, आवश्यक व्यावसायिक कौशलों तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराया गया। यह प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत उपयोगी और अनुभववर्धक सिद्ध होगा।
मुख्य अतिथि ने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र सीमा बल के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया प्रशिक्षण भविष्य में इन जवानों को विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने, साहस एवं आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करने तथा अपने दायित्वों का दक्षतापूर्वक निर्वहन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिए सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं समस्त प्रशिक्षक दल का विशेष रूप से धन्यवाद किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की।
इस गरिमामय समारोह के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सपड़ी स्थित केन्द्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र की संपूर्ण टीम के योगदान की विशेष सराहना की गई। मुख्यालय से दूर शमशी में आवश्यक व्यवस्थाओं के संचालन तथा विभिन्न व्यवस्थागत चुनौतियों के बावजूद 472 प्रशिक्षु जवानों की दीक्षांत परेड का सफलतापूर्वक आयोजन टीम के समर्पण, कुशल नियोजन और उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन का प्रमाण रहा। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में, श्री अजय कुमार, उप- महानिरीक्षक (PMG बार) के कुशल दिशानिर्देशन और मार्गदर्शन मे, श्री बाबू लाल रैगर, सहायक कमानडेंट, श्री रवि कुमार सहायक कमानडेंट के अथक प्रयासों और सूक्ष्म नियोजन, श्री अमित उप- कमानडेंट तथा श्री चंदन कुमार, सहायक कमानडेंट के बहुमूल्य सहयोग, डॉ. बृजेश कमानडेंट (चिकित्सा) एवं डॉ. आर के वर्मा (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) के चिकित्सकीय मार्गदर्शन तथा डॉ. नवीन द्वारा आयोजन स्थल पर की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की विशेष भूमिका रही। इसके अतिरिक्त श्री आर के डोगरा, कमानडेंट (प्रशिक्षण) के निरंतर प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और मनोबलवर्धन ने संपूर्ण दल को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।
आरक्षक से लेकर अधिकारी स्तर तक सपड़ी दल के प्रत्येक सदस्य ने अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए इस आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया। श्री जिया लाल, सहायक कमानडेंट (गत माह सेवानिवृत ) द्वारा प्रशिक्षु जवानों के प्रशिक्षण, व्यक्तित्व निर्माण और व्यावसायिक दक्षता के विकास में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की भी विशेष सराहना की गई। उनका मार्गदर्शन इन प्रशिक्षुओं को दक्ष एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण रहा। यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, व्यावसायिक दक्षता, परस्पर सहयोग, उत्कृष्ट दल भावना तथा कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण का सशक्त उदाहरण है। संपूर्ण सपड़ी दल का यह अनुकरणीय प्रयास सशस्त्र सीमा बल की उच्चस्तरीय प्रशिक्षण परंपरा और संगठनात्मक कार्यकुशलता को प्रतिबिंबित करता है।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षु जवानों की सहभागिता ने आपसी सहयोग, एकजुटता, दल भावना तथा सामूहिक उपलब्धि के महत्व को रेखांकित किया। यह आयोजन सशस्त्र सीमा बल और राजस्थान पुलिस के मध्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में स्थापित सहयोग, समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास का भी परिचायक रहा।
दीक्षांत परेड समारोह मात्र एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा के उच्च आदर्शों का सशक्त प्रतीक है। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 472 जवानों का उत्कृष्ट प्रदर्शन उनके उज्ज्वल व्यावसायिक भविष्य तथा देश की कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह समारोह सशस्त्र सीमा बल की उत्कृष्ट प्रशिक्षण परंपरा, प्रशिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता तथा विभिन्न पुलिस बलों के मध्य प्रशिक्षण संबंधी सहयोग और समन्वय की सुदृढ़ भावना को प्रतिबिंबित करता है। आशा है कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान, कौशल, अनुशासन और अनुभव का समुचित उपयोग करते हुए सभी प्रशिक्षु जवान भविष्य में जनसेवा तथा राष्ट्रहित के कार्यों में उच्चतम व्यावसायिक मानदंडों का पालन करेंगे और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेंगे।