बोहन के लक्ष्मी नारायण मंदिर में गूंजे भजन-कीर्तन, कृष्ण भजनों और माता की भेंट से भक्तिमय हुआ माहौल
ढोलक और मंजीरों की धुन पर देर रात तक चलता रहा संकीर्तन, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
ज्वालामुखी (कांगड़ा): ज्वालामुखी क्षेत्र के बोहन गांव स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर बोहन में रविवार को भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के भजनों में लीन होकर पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु मंदिर के अंदर फर्श पर बैठकर सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर रहे थे। कीर्तन मंडली द्वारा ढोलक और मंजीरों की मधुर धुन पर कृष्ण भजनों का गायन किया गया, जिसमें श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए। “राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी” और “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम” जैसे लोकप्रिय कृष्ण भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
इसके साथ ही माता रानी की भेंटों का भी गायन किया गया। “मेरी झोली भर दे मां” और “अंबे तू है जगदम्बे काली” जैसी भेंटों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। भजनों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर आस्था और श्रद्धा से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर अधिकतर महिलाएं पारंपरिक परिधानों में भक्ति भाव से कीर्तन में शामिल हुईं। कुछ श्रद्धालु ढोलक बजाकर और ताली-मंजीरों के साथ संगत कर रहे थे, जबकि अन्य भक्त भजन गाकर वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना रहे थे।
मंदिर के गर्भगृह में भगवान की सुंदर सजी हुई प्रतिमाएं फूलों की मालाओं, रंग-बिरंगे फूलों और दीपकों से सजाई गई थीं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों से न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, बल्कि समाज में भाईचारे और आपसी प्रेम की भावना भी मजबूत होती है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन में लीन रहे और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा। 🙏