धर्मशाला - जिला कांगड़ा स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कांफ्रेंस हाल में विश्व मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय गतिविधि का आयोजन किया गया । बता दें हर वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है।
इस गतिविधि की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश सूद ने की । गतिविधि के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुमित शर्मा ,डॉ अनुराधा व एमीआईओ हेमलता तथा अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे । इस दौरान डॉ सूद ने जानकारी देते हुए कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में इस रोग से बचने के बारे जानकारी व जागरूकता बढाना है ।
डॉ सूद ने कहा कि मधुमेह रोग को नियमित जांच, सही दवा और स्वस्थ जीवनशैली से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।इस का पता चलने पर समय रहते इसका इलाज कराना चाहिए । डॉ सूद ने कहा कि विश्व मधुमेह दिवस के वर्ष 2025 के थीम “ मधुमेह और कल्याण है जोकि की लोगों तक यह सन्देश पहुंचाना है कि मधुमेह केवल ब्लड शुगर का विषय नहीं बल्कि जीवन गुणवत्ता , शारिरिक मानसिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक जुड़वां से जुड़े होने का सन्देश देती है ।
डॉ सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि मधुमेह रोगियों को टीबी रोग होने की अधिक संभावना रहती है । जिसके लिए मधुमेह रोगियों को टीबी की जांच भी करानी चाहिए। डॉ सूद ने बताया कि मधुमेह एक दिनचर्या आधारित , शारीरिक अव्यस्व्यथा है जिसे कंट्रोल किया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता।
इस बारे जानकारी देते हुये डॉ सुमित शर्मा ने बताया मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिये उचित और कम खानपान, नियमित शारीरिक श्रम और व्यायाम के साथ साथ नियमित जांच व दवाई लेना आवश्यक है । इस रोग से ग्रस्त रोगी को दवाइयो को मधुमेह नियंत्रण करने और मधुमेह के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए दिया जाता है।
डॉ सुमित ने कहा कि जीवनशैली में बदलाव करके मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है।उंन्होने कहा कि स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन, पर्याप्त नींद और नियमित जांच जैसे पांच नियमों का पालन करके मधुमेह पर विजय प्राप्त की जा सकती है।