भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, कार्तिक, शुक्ल, एकादशी, रविवार, विक्रम संवत 2082। सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 15, जमादि उल्लावल 10, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 02 नवम्बर 2025 ई.। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतुः। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक।
एकादशी तिथि प्रातः 07 बजकर 32 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र सायं 05 बजकर 04 मिनट तक उपरांत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। व्याद्यात योग अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 10 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ, वणिज करण प्रातः 07 बजकर 32 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा पूर्वाह्न 11 बजकर 27 मिनट तक कुम्भ उपरान्त मीन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार : तुलसी विवाह।
सूर्योदय का समय- 6 बजकर 33 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 35 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 50 मिनट से सुबह 5 बजकर 42 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक इसके बाद 2 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 1 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
शाम में 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 9 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल शाम में 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 6 बजकर 34 मिनट से 7 बजकर 31 मिनट तक। पंचक काल पूरे दिन रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।