भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, फाल्गुन कृष्ण, चतुर्दशी, सौर फाल्गुन मास प्रविष्टे 16, शब्बान 29, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 27 फरवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, बसन्त ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। चतुर्दशी तिथि प्रातः 08 बजकर 55 मिनट तक उपरांत अमावस्या तिथि का आरंभ।
धनिष्ठा नक्षत्र अपराह्न 03 बजकर 44 मिनट तक उपरांत शतभिषा नक्षत्र का आरंभ। शिव योग रात्रि 11 बजकर 41 मिनट तक उपरांत सिद्ध योग का आरंभ। शकुनि करण प्रातः 08 बजकर 55 मिनट तक उपरांत किस्तुघ्न करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार फाल्गुन अमावस्या, अमावस्या तिथि का क्षय।
सूर्योदय का समय - सुबह में 6 बजकर 47 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 19 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 8 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 9 मिनट से रात में 12 बजकर 58 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 17 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसी के साथ सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 6 बजकर 47 मिनट से 8 बजकर 14 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 25 मिनट तक। पंचक काल पूरा दिन रहने वाला है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।