भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, पौष शुक्ल, सप्तमी, सौर पौष मास प्रविष्टे 23, रज्जब 05, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 06 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
सप्तमी तिथि सायं 06 बजकर 24 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र सायं 07 बजकर 07 मिनट तक उपरांत रेवती नक्षत्र का आरंभ। परिधि योग अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 05 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ। वणिज करण सायं 06 बजकर 24 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मीन राशि पर संचार करेगा। आज के व्रत त्योहार मार्तण्ड सप्तमी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जयंती।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 14 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 39 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 29 मिनट से 6 बजकर 23 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 18 मिनट से 3 बजे तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 6 मिनट से रात में 1 बजे तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 46 मिनट 6 बजकर 13 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक राहुकाल। इसी के साथ दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजकर 54 मिनट से 1 बजकर 36 मिनट तक। पंचक काल पूरे दिन रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।