आज महाशिवरात्रि व्रत
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, फाल्गुन कृष्ण, त्रयोदशी, सौर फाल्गुन मास प्रविष्टे 25, शब्बान 25, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 08 मार्च सन् 2024 ई। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, बसन्त ऋतुः। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक।
त्रयोदशी तिथि रात्रि 09 बजकर 58 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ। श्रवण नक्षत्र पूर्वाह्न 10 बजकर 41 मिनट तक उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ। शिव योग अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 46 मिनट तक उपरांत सिद्ध योग का आरंभ। गर करण पूर्वाह्न 11 बजकर 39 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 09 बजकर 20 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार प्रदोष व्रत, महाशिवरात्रि व्रत।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम 6 बजकर 25 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 1 मिनट से 5 बजकर 50 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 56 तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 48 मिनट तक। अमृत काल सुबह 9 बजकर 35 मिनट से 11 बजकर 3 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह 9 बजे से 9 बजकर 47 मिनट तक। इसके बाद 12 बजकर 56 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक। भद्राकाल का समय रात में 9 बजकर 57 मिनट से 6 बजकर 37 मिनट तक। पंचक 9 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 37 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।