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वैशाख पूर्णिमा

कूर्म जयंती 2026 (Kurma Jayanti 2026):तिथि: 01 मई 2026

कूर्म जयंती 2026 (Kurma Jayanti 2026):तिथि: 01 मई 2026

वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार 'कूर्म' की जयंती मनाई जाती है। समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत डूबने लगा था, तब श्रीहरि ने कछुए का रूप धारण कर उसे अपनी पीठ पर संभाला था। यह अवतार धैर्य और स्थिरता का प्रतीक है। कूर्म जयंती पर पूजन करने से जीवन में स्थिरता आती है और रुके हुए कार्य सिद्ध होते हैं।

 आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 1 मई 2026 का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 1 मई 2026 का पंचांग

वैशाख पूर्णिमा को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दान और जप कई गुना फल देता है। साथ ही यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी अत्यंत पवित्र है।

2026 में पूर्णिमा की प्रमुख तिथियाँ:
पूर्णिमा

2026 में पूर्णिमा की प्रमुख तिथियाँ:

पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि है जब आकाश में पूरा चंद्रमा (100% प्रकाशित) दिखाई देता है। यह एक अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है जो मानसिक शांति समृद्धि और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा के लिए जाना जाता है। हिंदू परंपरा में इस दिन पवित्र स्नान और दान का विशेष महत्व है

मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाने का किया आह्वान
शिमला

मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यालय से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि ‘मैंने शिमला नगर निगम में 10 वर्षों तक पार्षद के रूप में कार्य किया है। मेरे कई मित्रों ने इसी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है और सर्दियों की छुट्टियों में हम यहीं क्रिकेट खेला करते थे’।

मई महीने के प्रमुख व्रत, त्योहार
त्योहार

मई महीने के प्रमुख व्रत, त्योहार

इस महीने में एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे, जिनका प्रभाव आपके व्यक्तिगत जीवन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। आइए, जानते हैं इस महीने के प्रमुख व्रत, त्योहार के बारे में

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 23 मई का पंचाग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 23 मई का पंचाग

कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं  05 मई  का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 05 मई का पंचांग

पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। 

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