पंचांग के अनुसार मई का महीना चतुर्थी तिथि से शुरू हो रहा है और इसमें वैशाख तथा ज्येष्ठ मास के कुछ दिन भी शामिल होंगे। यह महीना 31 मई को शनिवार को समाप्त होगा जो ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के साथ होगा। मई माह में कई प्रमुख व्रत और त्योहार होंगे जो धार्मिक दृष्टिकोण से खास महत्व रखते हैं। इस महीने में एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे, जिनका प्रभाव आपके व्यक्तिगत जीवन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। आइए, जानते हैं इस महीने के प्रमुख व्रत, त्योहार के बारे में
मई 2025 के व्रत-त्योहार
1 मई 2025 विनायक चतुर्थी व्रत
2 मई 2025 शंकराचार्य जयंती, स्कंद षष्ठी
3 मई 2025 गंगा सप्तमी
4 मई 2025 भानु सप्तमी
5 मई 2025 सीता नवमी, मासिक दुर्गाष्टमी, बगलामुखी जयंती
8 मई 2025 मोहिनी एकादशी व्रत, परशुराम द्वादशी
9 मई 2025 प्रदोष व्रत
11 मई 2025 नृसिंह जयंती, छिन्नमस्ता जयंती
12 मई 2025 वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती, बुद्ध जयंती
13 मई 2025 ज्येष्ठ माह आरंभ, नारद जयंती
15 मई 2025 वृषभ संक्रांति
16 मई 2025 गणेश चतुर्थी व्रत, एकदंत संकष्टी चतुर्थी
20 मई 2025 कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
23 मई 2025 अपरा एकादशी व्रत
24 मई 2025 प्रदोष व्रत, शनि त्रयोदशी
25 मई 2025 मासिक शिवरात्रि, शिव चतुर्दशी व्रत
26 मई 2025 वट सावित्री व्रत, दर्श अमावस्या
27 मई 2025 स्नान-दान अमावस, ज्येष्ठ अमावस्या, शनि जयंती
30 मई 2025 विनायक चतुर्थी व्रत
मोहिनी एकादशी
7 मई को सुबह 10:19 बजे शुक्ल पक्ष की एकादशी शुरू होगी। यह 8 मई को दोपहर 12:29 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि की गणना के अनुसार 8 मई को मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी।
वैशाख पूर्णिमा
वैशाख माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है, जिस दिन विष्णु-लक्ष्मी जी और चंद्र देव की पूजा की जाती है। इस साल 12 मई 2025,सोमवार को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।
वट सावित्री व्रत
हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को वट सावित्री व्रत मनाया जाता है। वट सावित्री व्रत 26 मई को रखा जाएगा। इस दिन शोभन योग और भरणी नक्षत्र का शुभ संयोग व्रत को और भी फलदायी बनाता है।
शनि जयंती
इस साल 27 मई 2025 को शनि जयंती मनाई जाएगी। इस तिथि पर कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र के साथ सुकर्मा योग बन रहा है।