आज का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, वैशाख शुक्ला, पूर्णिमा, सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 10, जिल्काद 14, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 23 मई सन् 2024 ई। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। पूर्णिमा तिथि सायं 07 बजकर 23 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
विशाखा नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 15 मिनट तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ। परिधि योग मध्याह्न 12 बजकर 12 मिनट तक उपरांत शिव योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 07 बजकर 06 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार वैशाख पूर्णिमा, श्री सत्यनारायण व्रत, श्री बुद्ध पूर्णिमा, श्री बुद्ध जयंती, वैशाख स्नान समाप्त।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 9 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से 4 बजकर 45 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 29 मिनट तक। अमृत काल सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल। सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 10 बजकर 1 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 25 मिनट तक। भद्रा काल का समय सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।