उन्होंने कहा कि नदी से कितनी खनिज सामग्री निकाली गई, उसका बेस वैल्यू प्राइस कितना था, सरकार को कितनी रॉयल्टी मिलनी थी, कितनी राशि वास्तव में जमा हुई, बैंक गारंटी क्यों नहीं ली गई और निकाली गई सामग्री कहां गई—इन सभी सवालों का दस्तावेजी जवाब सरकार को देना चाहिए।