अपने संबोधन में सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने कहा कि तिब्बती नेतृत्व की दो प्रमुख जिम्मेदारियां हैं—सिनो-तिब्बत संघर्ष का समाधान और निर्वासन में रह रहे तिब्बतियों का कल्याण सुनिश्चित करना। उन्होंने बताया कि भारत में तिब्बती समुदाय 37 से अधिक स्थानों पर बसा हुआ है, जिनमें सबसे अधिक बस्तियां कर्नाटक में हैं, जबकि नेपाल में भी कई तिब्बती समुदाय रहते हैं।