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पितृ तर्पण

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 13 जुलाई 2026 का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 13 जुलाई 2026 का पंचांग

13 जुलाई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन आषाढ़ मास की सोमवती अमावस्या का पावन संयोग बन रहा है। सोमवार और अमावस्या का एक साथ पड़ना भगवान शिव की आराधना, पितृ तर्पण, स्नान, दान और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग।

 आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 14 जून 2026 का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 14 जून 2026 का पंचांग

ज्येष्ठ अमावस्या को पितरों की शांति के लिए तर्पण, जलदान और अन्नदान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पीपल वृक्ष में जल अर्पित कर भगवान विष्णु का स्मरण करने से पितृ दोष में राहत मिलने की मान्यता है। वट वृक्ष की पूजा करने से अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अधिक मास की सोमवती अमावस्या 15 जून को, स्नान-दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व
अमावस्या

अधिक मास की सोमवती अमावस्या 15 जून को, स्नान-दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ-साथ पीपल वृक्ष की पूजा एवं परिक्रमा का भी विशेष विधान है।

 आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 18 मार्च 2026 का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 18 मार्च 2026 का पंचांग

कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 17 फरवरी 2026 का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 17 फरवरी 2026 का पंचांग

17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्यदेव के मध्य भाग को ढंक लेगा और किनारे एक चमकती हुई अंगूठी की तरह दिखाई देंगे। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका क्षेत्र में दिखाई देगा, जबकि भारत में अदृश्य होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से, इस समय को आध्यात्मिक चिंतन और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ बनाता है।

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 फरवरी का पंचांग
आज का पंचांग

आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 फरवरी का पंचांग

कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।

इस भूतल में विष्णु भगवान् गुप्त रूप से ब्राह्मण के स्वरूप में निवास करते हैं
कार्तिक महात्म्य कथा -6

इस भूतल में विष्णु भगवान् गुप्त रूप से ब्राह्मण के स्वरूप में निवास करते हैं

ब्राह्मणों के दाहिने पैर में तीर्थ रहते हैं, मुख में वेद और समस्त अंगों में देवतागण निवास करते हैं। ब्राह्मणों की पूजा करने से उन सभी की पूजा हो जाती है। इस भूतल में विष्णु भगवान् गुप्त रूप से ब्राह्मण के स्वरूप में निवास करते हैं। अपने कल्याण की कामना रखने वाले लोग इनका न अपमान करें और न इनके साथ निरीक फिर एकान्त चित्त से विष्णु भगवान की जा तुलसी का पूजन करके उनकी परिक्रमा त उन्हें प्रणाम करें।

पौष मास की अमावस्या पर पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए व्रत रख कर दान-पुण्य करना चाहिए
पौष अमावस्या.

पौष मास की अमावस्या पर पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए व्रत रख कर दान-पुण्य करना चाहिए

धार्मिक शास्त्रों में अमावस्या तिथि का बहुत महत्व माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिवर्ष हर महीने में एक अमावस्या पड़ती है, जो कृष्ण पक्ष में आती है। अमावस्या तिथि पर नदी स्नान, जप, तप, पूजन, अर्घ्य तथा दान देने का विधान है। इस बार वर्ष 2022 की अंतिम अमावस्या यानी पौष अमावस्या दिन शुक्रवार, 23 दिसंबर, 2022 को पड़ रही हैं।

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