भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, 18 मार्च 2026 ,चैत्र कृष्ण चतुर्दशी तिथि सुबह में 08 बजकर 25 मिनट के बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा। वहीं, राहुकाल का समय दोपहर में 12 बजकर 29 मिनट से दोपहर में 2 बजे तक रहेगा। अमावस्या के कारण आज पितरों के निमित्त तर्पण, दान और पूजा का विशेष महत्व माना जा रहा है।
आज पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रातः 05:21 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात उत्तराभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा। दिन में शुभ और शुक्ल योग का प्रभाव रहेगा, जिससे कुछ शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल माना जा सकता है। सूर्योदय प्रातः 06:36 बजे और सूर्यास्त सायं 06:33 बजे होगा। वहीं राहुकाल दोपहर 12:30 बजे से 02:00 बजे तक रहेगा, जिसे अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
सूर्योदय 6 बजकर 33 मिनट
सूर्यास्त शाम 6 बजकर 36 मिनट
कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक, उसके बाद अमावस्या तिथि है।
नक्षत्र पूर्व भाद्रपद सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक, फिर उत्तर भाद्रपद रहेगा।
शुभ योग सुबह 4 बजकर 1 मिनट से 19 मार्च तक रहेगा
करण शकुनि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक।
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 29 मिनट से 6 बजकर 53 मिनट
अमृत काल रात 9 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट
निशीथ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट
अशुभ समय
राहुकाल दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 2 बजे तक।
यमगंड सुबह 7 बजकर 58 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक।
गुलिक काल सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक है।
साथ ही दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
बुधवार को पंचक पूरे दिन रहेगा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन स्नान, दान और पितृ तर्पण करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, आज का दिन आध्यात्मिक साधना और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।