🗓️ आज का पंचांग – 17 फरवरी 2026 (मंगलवार)
धार्मिक डेस्क | विशेष रिपोर्ट
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज 17 फरवरी 2026, मंगलवार का दिन फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि है। दोपहर 03:24 से 04:48 तक राहुकाल रहेगा । आज सूर्य ग्रहण की घटना भी हो रही है, हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने में कोई नुकसान नहीं है।
दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज भक्तजन व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना के लिए शुभ मुहूर्त देखकर अपने कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग —
तिथि: अमावस्या – सायं 05:30 बजे तक
योग: परिघ – रात्रि 12:29 बजे तक (18 फरवरी)
करण: नागव – सायं 05:30 बजे तक
करण: किंस्तुघ्न – प्रातः 05:17 बजे तक (18 फरवरी)
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:58 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:13 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 10:39 बजे से 12:17 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 03:24 बजे से 04:48 बजे तक
गुलिकाल: दोपहर 12:35 बजे से 02:00 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 09:47 बजे से 11:11 बजे तक
🌺 आज का विशेष महत्व
मंगलवार होने के कारण आज हनुमान जी की पूजा का विशेष फलदायी योग है। चतुर्दशी तिथि में भगवान शिव की आराधना भी शुभ मानी जाती है। अमावस्या प्रारंभ होने से पितृ तर्पण एवं दान-पुण्य का विशेष महत्व रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन हनुमान चालीसा पाठ और शिव अभिषेक करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
आज सूर्य ग्रहण है
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्यदेव के मध्य भाग को ढंक लेगा और किनारे एक चमकती हुई अंगूठी की तरह दिखाई देंगे। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका क्षेत्र में दिखाई देगा, जबकि भारत में अदृश्य होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से, इस समय को आध्यात्मिक चिंतन और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ बनाता है।
सूर्य ग्रहण को दौरान क्या करें
ग्रहण काल के दौरान अपने इष्ट देव के मंत्रों का जाप और मानसिक ध्यान करें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और मंदिर की साफ-सफाई करें।
अपने अनुसार जरूरतमंदों को अनाज, तिल या वस्त्रों का दान करें।
घर में रखे हुए खाने-पीने के सामान में तुलसी के पत्र (पत्ते) डाल दें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।