भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 13 जुलाई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन आषाढ़ मास की सोमवती अमावस्या का पावन संयोग बन रहा है। सोमवार और अमावस्या का एक साथ पड़ना भगवान शिव की आराधना, पितृ तर्पण, स्नान, दान और व्रत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़, कृष्ण, चतुर्दशी, सोमवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 13 जुलाई 2026, राहुकाल सुबह 07 बजकर 16 मिनट से सुबह 08 बजकर 59 मिनट तक।
13 जुलाई 2026 पंचांग
वार: सोमवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: वर्षा ऋतु
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्दशी सायं 6:50 बजे तक, इसके बाद अमावस्या प्रारंभ
नक्षत्र: मृगशिरा प्रातः 5:41 बजे तक, इसके बाद आर्द्रा
योग: ध्रुव योग, इसके बाद व्याघात योग
करण: विष्टि (भद्रा) के बाद शकुनि
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्य राशि: मिथुन
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:32 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:17 बजे
चंद्रोदय: प्रातः 3:51 बजे
चंद्रास्त: सायं 6:35 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 3:55 बजे से 4:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
अमृत काल: सायं 6:02 बजे से 7:27 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 7:25 बजे से 8:58 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 10:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 2:08 बजे से 3:53 बजे तक
भद्रा: प्रातः 8:40 बजे तक
आज का धार्मिक महत्व
सोमवार के दिन अमावस्या होने से अमावस्या का विशेष पुण्यकाल माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी या जलाशय में स्नान, भगवान शिव का रुद्राभिषेक, पीपल वृक्ष की पूजा, पितरों का तर्पण तथा गरीबों को अन्न, वस्त्र और तिल का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है।
आज का शुभ उपाय
भगवान शिव को जल, कच्चा दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
पितरों की शांति के लिए तिल मिश्रित जल अर्पित करें।
जरूरतमंदों को भोजन, तिल, वस्त्र या दक्षिणा का दान करें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।