टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश की ग्राम-पंचायतों के टीबी मुक्त होने के दावों का मूल्यांकन करने के लिए जिला सत्यापन टीम को राज्य स्तरीय वर्चुअल ओरिएंटेशन कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया। संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने टीम के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया।
जहां टीबी मुक्त ग्राम पंचायत लक्ष्य रखा गया है। सरकार के इस अभियान के तहत टीबी रोग के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना, टीबी रोगियों का शीघ्र इलाज, टीबी का पता लगाने को बढ़ावा देना और टीबी रोगियों और परिवारों की सहायता करना शामिल है।
जिला टीबी अधिकारी डॉ. आरके सूद ने कहा कि कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत प्रत्येक क्षय रोग इकाई ने ग्राम पंचायतों तथा वार्ड स्तर पर डाटा एकत्रित करने तथा लोगों को जागरूक किया जाएगा और 10-12 सदस्यों का एक व्यक्ति सहायता समूह (पीएसजी) बनाया जाएगा, जिसमें स्थानीय स्तर पर प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सचिव, चिकित्सा अधिकारी, टीबी चैंपियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, धार्मिक समूह, स्वयंसेवी संगठन और अन्य प्रभावशाली सदस्य शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत टीबी के मामले का पता लगाना- सक्रिय और निष्क्रिय (टीबी के बाद, कोविड के बाद और अन्य कमजोर समूहों की जानकारी भी एकत्रित की जाएगी।