भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । आश्विन, शुक्ल, त्रयोदशी, सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 11, रबि-उल सानी-11, तदनुसार अंग्रेजी तारीख 27 अक्टूबर सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक।
त्रयोदशी तिथि प्रातः 06 बजकर 57 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 25 मिनट तक उपरांत रेवती नक्षत्र का आरंभ। हर्षण योग अर्धरात्रोझ्ार 02 बजकर 01 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। तैतिल करण प्रातः 06 बजकर 57 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मीन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार वाराह चतुर्दशी, मेला शाकम्भरी देवी (देवबन), चतुर्दशी तिथि का क्षय।
सूर्योदय का समय - सुबह 6 बजकर 29 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 40 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 47 मिनट से 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से दोपहर में 2 बजकर 41 मिनट तक। निशिथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 6 मिनट तक। अमृत काल सुबह 6 बजकर 29 मिनट से 7 बजकर 53 मिनट तक। अमृत सिद्धि योग सुबह 9 बजकर 25 मिनट से अगले दिन 28 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 30 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 8 बजकर 43 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक। इसके बाद 12 बजकर 27 मिनट से 1 बजकर 12 मिनट तक। पंचक पूरा दिन रहने वाला है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।