हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाज कार्य और अर्थशास्त्र विभाग द्वारा 'टीबी समाप्ति और टीबी मुक्त पंचायत के लिए सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक गतिशीलता' पर राज्य टास्क फोर्स, हिमाचल प्रदेश तथा राज्य क्षय रोग प्रकोष्ठ, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को 'टीबी मुक्त पंचायत अभियान' में शामिल करना था, जिससे भारत से क्षय रोग का उन्मूलन हो सके। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के देहरा परिसर के निकट स्थित रेड रिबन क्लब के नोडल अधिकारियों और छात्रों तथा सिविल अस्पताल ज्वालामुखी के अंतर्गत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
डॉ. अशोक भारद्वाज, अध्यक्ष-राष्ट्रीय टास्क फोर्स, एनटीईपी कार्यशाला के मुख्य वक्ता थे। डॉ. रविंदर कुमार, डब्ल्यूएचओ सलाहकार-एनटीईपी, मुख्यालय-हिमाचल प्रदेश, डॉ. राकेश कुमार सूद, जिला क्षय रोग अधिकारी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश और डॉ. आत्मिका नायर, डब्ल्यूएचओ-एनटीईपी चिकित्सा सलाहकार-फील्ड स्तर (धर्मशाला) ने विस्तार से सामुदायिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं के विषय में विस्तार से चर्चा किया। डॉ. शशि पुनम, प्रोफेसर आशुतोष प्रधान, डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. जयकांत सिंह, डॉ. शबाब अहमद और डॉ दिग्विजय फुकन ने भी वक्ता के रूप में भाग लिया।