भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444, 45 । श्रावण शुक्ल सप्तमी, विक्रम सम्वत् 2080। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 07, सफ़र 05, तदनुसार अंगे्रजी तारीख 23 अगस्त सन् 2023 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।
सप्तमी तिथि अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 32 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ। ब्रह्म योग रात्रि 09 बजकर 45 मिनट तक उपरांत ऐन्द्र योग का आरंभ। गर करण अपराह्न 03 बजकर 20 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ।
चन्द्रमा अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 54 मिनट तक तुला उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार: आज ही गोस्वामी तुलसीदास जयंती।
सूर्योदय का समय -सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 3 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि 12 बजकर 2 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। गोधूलि बेला सुबह 6 बजकर 53 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 11 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल दोपहर 12 बजे 1 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक। भद्रा काल का साया 3 बजकर 31 मिनट से शाम में 5 बजकर 55 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।