महामंडलेशवर यमुना पुरी जी महाराज के सानिध्य में आज यहां सत्संग भवन में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। कथा शुरू होने से पहले कलश यात्रा यहां पहुंची। व श्रद्धालुओं ने पूजा में भाग लिया।
इस मौके पर कथा व्यास महामंडलेशवर यमुना पुरी जी महाराज ने अपने प्रवचनों में उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत पुराण की जानकारी देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है।
इसको सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया।
इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया। जय ज्वाला मां संकीर्तन मंडल अध्यक्ष मनीषा शर्मा ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाली कथा में श्रद्धालुओं के लिये बेहतर इंतजाम किये गये हैं।