भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1945 , विक्रमी संवत 2080, कलि संवत 5124, हिजरी संवत 1444 - 45 ।
ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी, विक्रम संवत 2080। सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 13। जिल्काद 06, हिजरी 1445 (मुस्लिम), तदनुसार अंग्रेजी तारीख 27 मई सन 2023 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। सप्तमी तिथि प्रातः 07 बजकर 43 मिनट तक अष्टमी तिथि का आरंभ।
मघा नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 43 मिनट तक उपरांत पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ।
व्याघात योग सायं 07 बजकर 57 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ।
वणिज करण प्रातः 07 बजकर 43 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ।
चंद्रमा दिन रात सिंह राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय -- शाम 7 बजकर 12 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
निशीथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक।
गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 10 मिनट से शाम 7 बजकर 31 मिनट तक।
अमृत काल रात को 9 बजकर 2 मिनट से 10 बजकर 50 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक।
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक तक यमगंड रहेगा।
सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा।
दुर्मुहूर्त काल सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।
भद्रा सुबह 7 बजकर 42 मिनट से रात को 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगी।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।