भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
15 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन अमावस्या तिथि, सोमवार और सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश का विशेष संयोग बन रहा है। सनातन परंपरा में अमावस्या को पितरों के निमित्त तर्पण, दान-पुण्य और भगवान शिव की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। आइए जानते हैं 15 जून 2026 का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 15 जून 2026, राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
📅 आज का पंचांग
दिनांक: 15 जून 2026
वार: सोमवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष समाप्त, शुक्ल पक्ष प्रारंभ
मास: अधिक ज्येष्ठ (पुरुषोत्तम मास)
संवत्सर: विक्रम संवत 2083
शक संवत: 1948
तिथि
अमावस्या – प्रातः 08:24 बजे तक उपरांत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
नक्षत्र - मृगशिरा – सायं 07:09 बजे तक तत्पश्चात आर्द्रा नक्षत्र
योग - शूल योग – प्रातः 08:56 बजे तक इसके बाद गण्ड योग
करण - नाग करण – प्रातः 08:24 बजे तक इसके बाद किंस्तुघ्न करण
☀️ सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 05:25 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:18 बजे
🕉️ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - 04:39 बजे से 05:21 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - 11:53 बजे से 12:49 बजे तक
विजय मुहूर्त - 03:01 बजे से 03:54 बजे तक
अमृत काल - 11:29 बजे से 12:52 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल - 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
यमगण्ड - 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
गुलिक काल - 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
🌑 आज का विशेष पर्व
आज अमावस्या तिथि होने के कारण पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
मिथुन संक्रांति
आज सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। संक्रांति काल में स्नान, दान, जप और सूर्योपासना का विशेष फल प्राप्त होता है।
सोमवती अमावस्या का महत्व
सोमवार और अमावस्या का संयोग अत्यंत दुर्लभ एवं पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और पीपल वृक्ष की परिक्रमा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
🔱 आज का उपाय
शिवलिंग पर जल, दूध एवं काले तिल अर्पित करें।
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जप करें।
पितरों की शांति के लिए तिल, अन्न और वस्त्र का दान करें।
जरूरतमंदों को भोजन करवाना शुभ फलदायी रहेगा।
✨ आज का संदेश
"अमावस्या आत्मचिंतन और नई शुरुआत का प्रतीक है। आज का दिन नकारात्मकता को त्यागकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।"
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।