Hindi English Saturday, 17 October 2026
BREAKING
• राज्यपाल ने सत्यनिष्ठ, जिम्मेदार और जन-केंद्रित पत्रकारिता का किया आह्वान • डिजिटल गवर्नेंस से जन सेवाएं सरल, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बननी चाहिएः मुख्यमंत्री • एचपीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी की योजनाओं से लाखों श्रमिक हुए लाभान्वित, 108 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित • मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में इंडोर आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक की आधारशिला रखी • प्रथम बैच बी आर टी सी राजस्थान पुलिस का दीक्षांत परेड समारोह सशस्त्र सीमा बल शमशी में भव्य रूप से संपन्न • बांग्लादेश मॉडल का महिमामंडन करने वालों पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस देश को दे जवाब : डॉ. सीमा ठाकुर • आपदा राहत के नाम पर फर्जी टेंडरों का खेल, केंद्र से मिले करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का आरोप : संदीपनी भारद्वाज • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 17 अक्टूबर 2026 का पंचांग • आज ही के दिन मदर टेरेसा को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई, उन्हें मानवता और जरूरतमंदों की सेवा के लिए यह सम्मान दिया गया • 17 अक्टूबर 2026 राशिफल: शनिवार को जानें सभी 12 राशियों का हाल

हिमाचल

More News

शिमला | मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रित से प्रतिरोध केंद्रित प्रशासन अपनाने पर दिया बल

Updated on Tuesday, June 02, 2026 07:46 AM IST

मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रित से प्रतिरोध केंद्रित प्रशासन अपनाने पर दिया बल
एचपी-रेडी परियोजना से आपदा तैयारी, न्यूनीकरण और पुनर्वास प्रणाली होगी मजबूत

प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं और इनसे उत्पन्न गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए जन सुरक्षा एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार सक्षम व प्रतिरोधी अधोसरंचना के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। इस क्रम में सरकार ने 2,688 करोड़ रुपये की ‘‘हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी’’ (एचपी-रेडी) परियोजना शुरू की है, इसका उद्देश्य प्रदेशभर में आपदा-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। यह परियोजना जनवरी 2026 से नवंबर 2030 तक लागू की जाएगी और इसमें आपदा से निपटने की तैयारी, आपदा न्यूनीकरण तथा पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित है और प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में 66 से अधिक बादल फटने की घटनाएं, 234 भूस्खलन और 121 फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन आपदाओं से बड़ी संख्या में जन हानि हुई है तथा सार्वजनिक अवसंरचना और निजी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त आपदा के कारण सामान्य जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

एचपी-रेडी परियोजना के तहत आपदा प्रभावित सार्वजनिक अधोसंरचना जैसे परिवहन नेटवर्क, पेयजल योजनाएं, स्वच्छता प्रणालियां तथा विद्युत अवसंरचना इत्यादि को पुनर्स्थापित और सुदृढ़ किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य आजीविका और रोजगार के अवसरों को सृजित करना तथा आपदा जोखिम वित्तपोषण और इंश्योरेंस के लिए एक व्यापक प्रणाली विकसित करना है। इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थागत क्षमता निर्माण और मजबूत वित्तीय तंत्र को विकसित करने पर भी बल दिया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने, आपदा-रोधी अवसंरचना के निर्माण एवं प्रोत्साहन, वैज्ञानिक भू-उपयोग योजना अपनाने तथा तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से सामुदायिक तैयारी को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा।

सरकार पंचायती राज संस्थाओं, महिला मंडलों, युवक मंडलों तथा स्कूली बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू करेगी ताकि जमीनी स्तर पर आपदा तैयारी की संस्कृति विकसित की जा सके। यह पहल न केवल इन कार्यों में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करेगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान होने वाले नुकसान को भी कम करने में मदद करेगी।

परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई गठित की जाएगी तथा नियमित निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। पिछले तीन वर्षों में आई प्राकृतिक आपदाओं ने हमें राहत केंद्रित शासन से प्रतिरोधी केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। जन सुरक्षा, आजीविका और विकास संबंधी परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए एचपी-रेडी एक विस्तृत कार्य योजना है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना इंगित कर रही है कि प्रतिरोधी कार्य योजना से सतत् विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत संवेदनशील जिलों और समुदायों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत किया जाएगा ताकि हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से सुरक्षित रह सके।

Have something to say? Post your comment
राज्यपाल ने सत्यनिष्ठ, जिम्मेदार और जन-केंद्रित पत्रकारिता का किया आह्वान

शिमला : राज्यपाल ने सत्यनिष्ठ, जिम्मेदार और जन-केंद्रित पत्रकारिता का किया आह्वान

डिजिटल गवर्नेंस से जन सेवाएं सरल, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बननी चाहिएः मुख्यमंत्री

धर्मशाला : डिजिटल गवर्नेंस से जन सेवाएं सरल, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बननी चाहिएः मुख्यमंत्री

एचपीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी की योजनाओं से लाखों श्रमिक हुए लाभान्वित, 108 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित

शिमला : एचपीबीओसीडब्ल्यूडब्ल्यूबी की योजनाओं से लाखों श्रमिक हुए लाभान्वित, 108 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित

मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में इंडोर आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक की आधारशिला रखी

धर्मशाला : मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में इंडोर आइस स्केटिंग रिंक एवं रोलर स्केटिंग रिंक की आधारशिला रखी

प्रथम बैच बी आर टी सी राजस्थान पुलिस का दीक्षांत परेड समारोह सशस्त्र सीमा बल शमशी में भव्य रूप से संपन्न

कुल्लू : प्रथम बैच बी आर टी सी राजस्थान पुलिस का दीक्षांत परेड समारोह सशस्त्र सीमा बल शमशी में भव्य रूप से संपन्न

 बांग्लादेश मॉडल का महिमामंडन करने वालों पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस देश को दे जवाब : डॉ. सीमा ठाकुर

शिमला : बांग्लादेश मॉडल का महिमामंडन करने वालों पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस देश को दे जवाब : डॉ. सीमा ठाकुर

आपदा राहत के नाम पर फर्जी टेंडरों का खेल, केंद्र से मिले करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का आरोप : संदीपनी भारद्वाज

शिमला : आपदा राहत के नाम पर फर्जी टेंडरों का खेल, केंद्र से मिले करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का आरोप : संदीपनी भारद्वाज

   सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब

शिमला : सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब

नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’

शिमला : नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’

जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय

धर्मशाला : जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय

X