भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार ज्येष्ठ कृष्ण द्वादशी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 14 मई 2026 , राहुकाल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक।
दिन एवं तिथि
दिन: गुरुवार
तिथि: वैशाख मास, कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि प्रातः 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ।
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:31 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:03 बजे
चन्द्रमा की स्थिति
चन्द्र राशि: Aquarius (कुंभ)
नक्षत्र: शतभिषा
योग: शुभ
करण: तैतिल
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:45 तक
अमृत काल: प्रातः 7:18 से 8:52 तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:07 से 4:49 तक
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 6:00 से 7:30 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक
आज का धार्मिक महत्व
गुरुवार का दिन भगवान Vishnu और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। आज पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना और चने की दाल का दान करना शुभ फलदायी रहेगा।
आज का विशेष उपाय
घर में सुख-समृद्धि के लिए “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।