11 मई 2026 का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
वैदिक पंचांग के अनुसार 11 मई 2026, सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना, ध्यान और धार्मिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। आज कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिससे आध्यात्मिक कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। यदि आप किसी शुभ कार्य, पूजा या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त जानना आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार ज्येष्ठ कृष्ण नवमी तिथि है। है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 11 मई 2026, राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
🗓️ दिन — सोमवार
🌙 पक्ष — कृष्ण पक्ष
🪔 तिथि — नवमी तिथि (दोपहर 3:24 बजे तक), बाद में दशमी तिथि प्रारंभ
✨ नक्षत्र — शतभिषा (रात्रि 1:28 बजे तक), फिर पूर्वाभाद्रपद
🔱 योग — इन्द्र योग
☀️ सूर्योदय — सुबह 5:34 बजे
🌇 सूर्यास्त — शाम 6:53 बजे
🌙 चंद्र राशि — कुंभ राशि
📖 मास — ज्येष्ठ मास
🕉️ विक्रमी संवत — 2083
🌸 शुभ मुहूर्त
🪔 अभिजीत मुहूर्त — 11:47 AM से 12:40 PM
🌅 ब्रह्म मुहूर्त — प्रातः 4:10 AM से 4:52 AM
अशुभ समय
🚫 राहुकाल — सुबह 7:14 बजे से 8:54 बजे तक
🚫 यमगण्ड काल — 10:36 बजे से 12:17 बजे तक
आज का विशेष महत्व
सोमवार होने के कारण आज शिव पूजा का विशेष महत्व है। शतभिषा नक्षत्र मानसिक शांति, उपचार और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा माना जाता है। आज भगवान शिव को जल और बेलपत्र अर्पित करने से शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
आज का सरल उपाय
शिवलिंग पर कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मन की अशांति दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।