21 अप्रैल 2026, मंगलवार का पंचांग | शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष योग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 21 अप्रैल 2026 , पंचमी तिथि रात्रि 01 बजकर 19 मिनट (22 अप्रैल) तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ।
तिथि: पंचमी (अगले दिन रात 1:19 बजे तक)
वार: मंगलवार
विशेष: रवि योग (रात 11:58 बजे से अगली सुबह 5:50 बजे तक)
भद्रा: नहीं लगेगी
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:23 से 5:07 तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:55 से 12:47 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:31 से 3:23 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:50 से 7:12 तक
अमृत काल: दोपहर 3:58 से 5:25 तक
रवि योग का महत्व:
रवि योग एक अत्यंत शुभ योग माना जाता है, जो अशुभ प्रभावों को कम करता है। इस दौरान किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक परिणाम देते हैं।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 3:36 से 5:13 तक
गुलिक काल: दोपहर 12:21 से 1:58 तक
यमगण्ड काल: सुबह 9:06 से 10:43 तक
वर्ज्य मुहूर्त: सुबह 7:14 से 8:41 तक
सूर्योदय व चंद्रमा स्थिति
सूर्योदय: सुबह 5:51 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:51 बजे
चन्द्रोदय: सुबह 8:45 बजे
चन्द्रास्त: रात 11:27 बजे
🧭 दिशा शूल
उत्तर दिशा
आज उत्तर दिशा की यात्रा करने से बचना शुभ माना गया है।
मृगशिरा नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 58 मिनट तक उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ। शोभन योग दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक उपरांत अतिगण्ड योग का आरंभ। बव करण दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दोपहर 01:00 बजे तक वृषभ राशि पर उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा।
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती के पावन अवसर पर ज्ञान और भक्ति—दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। एक ओर आदि गुरु ने वेदांत का प्रकाश फैलाया, तो दूसरी ओर भक्ति कवि ने प्रेम और श्रद्धा को जन-जन तक पहुंचाया।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
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