3 अप्रैल 2026 पंचांग (शुक्रवार) - जानें शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और आज का पूरा ज्योतिषीय विवरण
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज चंद्रमा तुला राशि में रहेगा। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त विशेष फलदायी माने गए हैं।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, आज वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह में 08 बजकर 42 मिनट तक रहेगी इसके बाद द्वितीया तिथि का आरंभ होगा।
📅 आज का पंचांग (3 अप्रैल 2026)
वार: शुक्रवार
तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया
मास: चैत्र
पक्ष: कृष्ण पक्ष
चंद्र राशि: तुला
सूर्य राशि: मीन
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 6:05 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: शाम 6:35 बजे (लगभग)
🌙 चंद्रमा से जुड़ी जानकारी
चंद्रोदय: रात 8:10 बजे (लगभग)
चंद्रास्त: सुबह 7:45 बजे (लगभग)
⭐ नक्षत्र
चित्रा नक्षत्र: सायं 07:25 बजे तक
⏰ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 4:40 AM – 5:25 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:05 PM – 12:55 PM
विजय मुहूर्त: 2:30 PM – 3:20 PM
गोधूलि मुहूर्त: 6:30 PM – 6:55 PM
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: 10:51AM – 12:25 PM
यमगंड काल: 3 30 PM – 5:06 PM
गुलिक काल: 7:43 AM – 9:17 AM
🪔 आज के विशेष योग
आज का दिन धृति योग और स्वाती नक्षत्र के कारण स्थिरता और सफलता देने वाला माना जाता है। व्यापार और निवेश के लिए समय अनुकूल रह सकता है।
🙏 आज के उपाय
माता लक्ष्मी की पूजा करें
सफेद वस्त्र धारण करें
जरूरतमंदों को दूध या चावल दान करें
🌈 लकी फैक्टर
लकी रंग: सफेद, गुलाबी
लकी नंबर: 6, 8
🧠 पंचांग का महत्व
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से व्यक्ति शुभ-अशुभ समय जानकर अपने कार्यों की योजना बना सकता है और जीवन में सकारात्मकता ला सकता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।