शनिवार का पंचांग लेकर आया है खास संयोग, जानिए आज के दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्यों का सही समय
धर्म डेस्क: 21 मार्च 2026, भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज के पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र और योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो कई कार्यों के लिए शुभ माना जा सकता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 21 मार्च 2026 चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि रात्रि में 11 बजकर 56 मिनट तक इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। चैत्र शुक्ल तृतीया के अवसर पर 'मत्स्य जयंती' और 'गणगौर पूजा' का पावन पर्व मनाया जाएगा।
📅 तिथि: शुक्ल तृतीया – रात्रि 11:56 बजे तक, फिर चतुर्थी
🌙 वार: शनिवार
🌟 नक्षत्र: रेवती (सुबह तक), इसके बाद अश्विनी
🔱 योग: शुभ योग
⏰ करण: बव, बालव
🌅 सूर्योदय: सुबह 6:26 बजे
🌇 सूर्यास्त: शाम 6:33 बजे
⚠️ राहुकाल: सुबह 9:26 बजे से 10:57 बजे तक
⛔ यमगंड: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
🕉️ अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के प्रथम अवतार 'मत्स्य अवतार' के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। सत्य युग में जब जल प्रलय की स्थिति बनी, तब श्री हरि ने मछली का रूप धारण कर राजा सत्यव्रत, प्रजापतियों और सप्तऋषियों की रक्षा की थी। यह पावन दिन अक्सर चैत्र नवरात्रि और गणगौर उत्सव के साथ आता है। इस अवसर पर विष्णु मंदिरों में विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं और भक्त पूरी सहजता से भगवान के इस सुरक्षाकारी रूप का स्मरण करते हैं।
आज का दिन पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा है, हालांकि राहुकाल के समय कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।