धर्मशाला/शिमला: हिमाचल प्रदेश की युवा प्रशासनिक अधिकारी Oshin Sharma पिछले कुछ वर्षों में राज्य की सबसे चर्चित महिला अधिकारियों में शामिल हो गई हैं। अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली, सोशल मीडिया पर सक्रियता और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े विवादों के कारण वह कई बार चर्चा का केंद्र बनीं। लेकिन इन सबके बीच उनका प्रशासनिक सफर युवाओं के लिए प्रेरणा भी माना जाता है।
ओशिन शर्मा का संबंध हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र से माना जाता है। उनका परिवार लंबे समय से प्रशासनिक और सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के पद पर कार्य कर चुके हैं, जबकि उनकी माता भी सरकारी सेवा में रही हैं। प्रशासनिक माहौल में पली-बढ़ी ओशिन ने बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का सपना देखा।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला के डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। पढ़ाई में शुरू से ही तेज रही ओशिन ने आगे चलकर धर्मशाला के सरकारी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने Panjab University से फिजिकल केमिस्ट्री में एमएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी।
कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HPAS) परीक्षा पास कर ली। यह उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ साबित हुआ। प्रशिक्षण के बाद उन्हें विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी गईं और बाद में उन्हें Shimla में उपमंडलाधिकारी (SDM) के रूप में तैनात किया गया।
एक युवा और ऊर्जावान अधिकारी के रूप में उन्होंने अपने कार्यकाल में कई प्रशासनिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें तुरंत हल करने की उनकी शैली ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। खासकर युवाओं के बीच उनकी छवि एक प्रेरणादायक अधिकारी के रूप में बनी।
ओशिन शर्मा की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया भी रहा है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर उनके हजारों-लाखों फॉलोअर्स रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वह प्रशासनिक जीवन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर से जुड़ी जानकारी साझा करती थीं। कई युवा उन्हें एक रोल मॉडल के रूप में देखते हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता कई बार विवादों की वजह भी बनी। कुछ समय पहले उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ उत्पादों के प्रचार का आरोप लगा था, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और उन्हें इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को सीमित कर दिया।
इसके अलावा उनका निजी जीवन भी एक समय काफी चर्चा में रहा। उन्होंने अपने पति और एक विधायक के खिलाफ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, जिससे प्रदेश की राजनीति और समाज में बड़ी बहस छिड़ गई थी। यह मामला लंबे समय तक मीडिया में सुर्खियों में बना रहा।
इन सभी उतार-चढ़ावों के बावजूद Oshin Sharma आज भी एक महत्वाकांक्षी और मेहनती प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। प्रशासनिक सेवा में उनका सफर यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों और विवादों के बीच भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता की राह बनाई जा सकती है।
हिमाचल के कई युवा उन्हें एक प्रेरणा के रूप में देखते हैं। खासकर सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।